E-bok
Engelska, 20061 856 kr
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प्रस्तुत पुस्तक में जटिल समाज के विभिन्न मानवशास्त्रीय पहलुओं का समीक्षात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। जटिल समाज की अवधारणा, विशेषता तथा इसके संबंध में अमरीकी और ब्रिटिश मानवशास्त्रियों के दृष्टिकोणों पर प्रकाश डालने के अलावा, इसमें लोक समाज, कृषक समाज, नगरीय समुदाय की विशेषताओं एवं लोक नगरीक सातत्य का विस्तारपूर्वक विवरण दिया गया है।यह पुस्तक भारत में ग्रामीण एवं कृषक समाजों, जाति व्यवस्था तथा नगरीय एवं औद्योगिक समाजों पर विभिन्न विद्वानों द्वारा किये गये अध्ययनों का वर्णन भी प्रस्तुत करती है। नगर की उत्पत्ति एवं विकास, औद्योगीकरण की अवधारणा, सभ्यता अध्ययन के मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण, जटिल समाज की संस्थाओं, नगर परियोजना, नगरीय मानवशास्त्र की उत्पत्ति व विकास और राष्ट्रीय चरित्र, राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया तथा राष्ट्रीय अखंडता की भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है। यह पुस्तक यू.जी.सी. पाठ्यक्रम पर आधारित है इसलिए यह विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए अति उपयोगी है।