प्रस्तुत पुस्तक भारतीय जनजातीय संस्कृति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालती है। भारतीय जनजातियों की विशेषताएं और उनका वर्गीकरण पेश करने के अलावा, उनकी प्राचीनता, उनकी तुलनात्मक स्थिति, उनके राज्यानुसार वितरण, सामाजिक संगठन, राजनीतिक जीवन, धार्मिक जीवन, व्यवसाय, जीवन चक्र व व्यक्तित्व संरचना, लोक साहित्य, कला एवं कारीगरी, ग्राम्य जीवन, मातृवंशीयता, बहुपति प्रथा और जनजातीय जीवन की परिवर्तन प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। इस पुस्तक में जनजातीय विकास, अस्मिता की समस्या, जनजातीय आंदोलनों और जनजातीय जीवन में जंगलों के महत्व की भी चर्चा की गई है। यह पुस्तक यू.जी.सी. द्वारा मान्य विश्वव्यापी पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसलिए यह मानवशास्त्र के स्नातक तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए अति उपयोगी है।