यद्यपि अंग्रेजी भाषा में पर्यावरण विज्ञान एवं पर्यावरणीय मनोविज्ञान विषयों पर अनेक स्तरीय पुस्तकें उपलब्ध हैं, परन्तु हिन्दी भाषी विद्यार्थियों एवं विषय में रुचि रखने वाले अध्येताओं हेतु हिन्दी में इस विषय पर पाठ्य पुस्तकों का अभाव है। लेखकों द्वारा इस विषय पर हिन्दी में पुस्तक लेखन इस अभाव की पूर्ति का एक विनम्र प्रयास है। इस पुस्तक के विभिन्न अध्यायों में पर्यावरणीय मनोविज्ञान के क्षेत्र में किये गये शोधों पर आधारित ज्ञान को समाहित करके विषय की सम्यक् विवेचना की गयी है। इस पुस्तक की विषय-वस्तु का संगठन विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों को ध्यान में रख कर किया गया है। लेखकों का यह विश्वास है कि यह पुस्तक हिन्दी माध्यम के स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्रों के लिये उपयोगी सिद्ध होगी। यह पुस्तक उन विद्यार्थियों को समर्पित है जिनकी रूचि एवं आवश्यकता ने हमें इस विषय पर पुस्तक लेखन के लिये प्रेरित किया।